जीवन से संबंधित प्रश्न जीवन इतना कठिन क्यों है? By वनिता कासनियां पंजाब “क्यों?” जब जीवन कठिन हो, तब शांति पाने का क्या कोई रास्ता है? जो कुछ हम इस दुनिया में देखते उसे कैसे समझते हैं? आतंकवादी हमले, सेक्स गुलामी, नस्लवाद, दुनिया में भूख से मरते हुए लोग? अवचेतन रूप से, बहुत बार शायद हम अपने आप से प्रश्न पूछते हैं। पर चेतन अवस्था में शायद ही कभी। हम अपना जीवन जीने में इतने व्यस्त रहते हैं कि शायद ही कभी रुकते हैं और हैरान होते हैं कि ऎसा क्यों होता है? पर कभी ऐसा कुछ हो जाता है जिससे हम जाग जाते हैं। हमारे माता-पिता का तलाक हो जाता है, पास के मुहल्ले में रहनेवाली लड़की का कोई अपहरण कर लेता है, या किसी संबंधी को कैंसर हो जाता है। ऐसा होना कुछ समय के लिए हमें जगा देता है। पर बहुत बार हम फिर से अस्वीकृति में डूब जाते हैं। तब तक, जब तक कि किसी दूसरी त्रासदी का सामना नहीं होता। फिर हम सोचने के लिए बाध्य हो जाते हैं, कि यहाँ कुछ सही नहीं है। कुछ ऐसा है जो बिल्कुल गलत है। जीवन को इस तरह का नहीं होना चाहिए! तो, बुरी चीजें ‘क्यों’ होती हैं? यह संसार एक बेहतर जगह क्यों नहीं है? क...
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें